मुंगेली , मार्च 31 -- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आज सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार नाबालिग सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने जांच में मृतक के सगे भाई और परिजनों को ही साजिश का मुख्य आरोपी बताया। संपत्ति हड़पने की नीयत से रची गई इस साजिश में कुल 15 लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार थाना लालपुर क्षेत्र से लापता हुए सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत की तलाश के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध वाहन की पहचान की गई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने पारिवारिक विवाद का फायदा उठाते हुए पहले मृतक को उसके बेटे से खतरे की आशंका जताई और फिर उसे गुमराह कर संपत्ति अपने नाम करा ली। इसके साथ ही बेटे को संपत्ति से दूर रखने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए।

घटना के दिन आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से दामोदर सिंह को रास्ते में रोककर उसकी हत्या कर दी और शव को दूसरे जिले के जंगल में दफना दिया। मामले को भटकाने के लिए मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया गया, जिससे यह भ्रम पैदा हो सके कि वह कहीं चला गया है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिगों को अभिरक्षा में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। घटना में प्रयुक्त वाहन और नकदी भी जब्त कर ली गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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