बिलासपुर , फरवरी 06 -- रेलवे ने छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को निरंतर गति प्रदान करने के लिए 2026-27 के लिए राज्य को 7,470 करोड़ रुपए का बजट अनुदान दिया है तथा इसके जरिए प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 51,080 करोड़ रुपए की लागत की रेल परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नयी रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास, रेल संरक्षा कार्य तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को निरंतर बल मिल रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे(एसईसीआर) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाओं में बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत 2,135.34 करोड़ रुपए है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही बिलासपुर-नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसी क्रम में दल्ली राजहरा-रावघाट नयी रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत 16,275.56 करोड़ रुपए है।इसके अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नयी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा नयी रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपए है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त सरदेगा-भालूमाड़ा नयी रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत 1,282 करोड़ रुपए है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी। रावघाट-जगदलपुर नयी रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत 3,513 करोड़ रुपए है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नयी दिशा प्रदान करेगी।

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