रायपुर , जनवरी 28 -- छत्तीसगढ़ में मध्याह्न भोजन योजना की दो रसोइया दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत को लेकर राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इन मौतों के लिए राज्य की भाजपा सरकार और प्रशासनिक तंत्र को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल मुआवजा और आंदोलनकारियों की मांगें मानने की शर्त रखी है।

श्री बैज ने बुधवार को आरोप लगाया कि ये मौतें सरकार की "संवेदनहीनता और प्रशासन की निर्ममता" का परिणाम हैं। उन्होंने कहा, "यह सरकार कर्मचारियों की मांगें सुनने के बजाय बर्बरता पर उतर आई है। ये साधारण मौत नहीं, हत्या है।"उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने 100 दिनों के भीतर सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, जो अधर में लटका हुआ है।

तूता स्थित धरना स्थल की स्थितियों पर प्रकाश डालते हुए श्री बैज ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी रसोइयों, जिनमें अधिकांश ग्रामीण महिलाएं हैं, को जानबूझकर शौचालय, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनकारियों को नेताओं से मिलने से रोका जा रहा है और एंबुलेंस जैसी आपात सेवाएं भी बाधित की जा रही हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित