अंबिकापुर , दिसंबर 30 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सरगुजा जिले के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे श्री बघेल ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और सरकार यहां के लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि राज्य की संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री सरगुजा में कांग्रेस पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए तथा कुछ कांग्रेसजनों के पारिवारिक समारोहों में भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि सरगुजा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों की महिला जिला अध्यक्षों से उनकी विशेष मुलाकात हो रही है।

सरगुजा प्रवास के बाद श्री बघेल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यात्रा पर रवाना होंगे। उन्होंने कथा वाचक बागेश्वर धाम बाबा धीरेन्द्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दोनों के कार्यक्रमों के लिए स्थानीय लोग ठेके और व्यवस्थाएं संभालते हैं और ये लोग कथा के नाम पर बड़ी मात्रा में चंदा एकत्र कर यहां से चले जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कथा से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यदि चंदा लेना बंद कर दें तो वे पूरे साल यहीं रहें, किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। दिल्ली के प्रदूषण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि पर्चियों से समस्याएं हल हो सकती हैं तो दिल्ली जाकर वायु प्रदूषण दूर कर देना चाहिए।

श्री बघेल ने सरगुजा और रायगढ़ जिलों में जन सुनवाई और जमीन अधिग्रहण के मुद्दों पर हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों पर पुलिस बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल बिना मुआवजा दिए खनन क्षेत्र का विस्तार करना चाहता है और विरोध करने पर लोगों पर लाठियां बरसाई गईं। रायगढ जिला के तमनार में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।

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