रायपुर , अप्रैल 18 -- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने शिक्षा के अधिकार (आरटीइ) के तहत बच्चों के प्रवेश को राज्य सरकार पर गरीब बच्चों की शिक्षा की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आरटीइ के तहत बच्चों की भर्ती का मामला लंबित पड़ा हुआ है और सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है।
श्री बैज ने सरकार से निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की, ताकि बच्चों का प्रवेश समय पर हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण इस वर्ष आरटीइ सीटों में लगभग 70 प्रतिशत की कटौती की जा रही है, जिससे गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूल संचालकों की मांगों पर सरकार को विचार करना चाहिए। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पिछले कई वर्षों से फीस में वृद्धि नहीं हुई है, जबकि संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद सरकार समाधान निकालने के बजाय दबाव की नीति अपना रही है, जिससे निजी स्कूलों ने आरटीइ के तहत प्रवेश प्रक्रिया में असहयोग का रुख अपनाया है।
श्री बैज ने आरटीइ भर्ती नियमों में किए गए बदलाव पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नर्सरी के बजाय पहली कक्षा को प्रवेश कक्षा मानना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि अधिकांश निजी स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा नर्सरी से ही शुरू होती है। ऐसे में पहली कक्षा तक पहुंचते-पहुंचते सीटें पहले से पढ़ रहे बच्चों से भर जाती हैं और आरटीइ के तहत नए बच्चों के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान निकाले, ताकि गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
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