रायपुर , दिसंबर 03 -- ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें प्रमुख रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा, तथा दो अहम विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी शामिल है।
कैबिनेट में सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान को लेकर लिया गया। राज्य सरकार ने घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। यह योजना एक दिसंबर से प्रभावी हो गयी है।
इसके साथ ही 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से लगभग छह लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, जिससे उन्हें इस अवधि में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घरों में सोलर प्लांट स्थापित करने में सहूलियत मिलेगी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, वहीं पीएम सूर्यघर योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को प्राप्त होगा।
राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जा रही है। 1 किलोवॉट के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा दो किलोवॉट एवं उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है। इससे राज्य में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति बढ़ेगी और उपभोक्ता हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर अग्रसर होंगे।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। यह संशोधन स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहित करेगा तथा जेम पोर्टल में क्रय प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इससे समय एवं संसाधनों की बचत होगी।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी।
साथ ही छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन हेतु दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 को मंजूरी दी गई। यह संशोधन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करेगा और प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा।
मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों को प्रदेश में आर्थिक विकास, ऊर्जा सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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