रायपुर , नवंबर 19 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार को महानदी भवन और इंद्रावती भवन में कार्यरत सभी विभागों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। इस कदम से पारदर्शिता, समयपालन और प्रशासनिक कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव विकास शील की उपस्थिति में नए सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें फेसियल ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली तथा दीवार पर लगाए गए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों का डेमो प्रस्तुत किया गया। इस प्रणाली का परीक्षण कल से प्रारंभ होगा और इसी साल एक दिसंबर से मंत्रालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य होगी।
मुख्य सचिव विकास शील ने निर्देश दिया है कि 01 जनवरी 2026 से यह प्रणाली सभी संचालनालयों/विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू कर दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समयपालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को कड़ाई से इसका पालन करना होगा।
नए प्रोटोकॉल के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को रोज़ाना दो बार-प्रवेश के समय "इन" और प्रस्थान के समय "आउट"-उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके लिए दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला विकल्प है मोबाइल ऐप के माध्यम से फेसियल ऑथेंटिकेशन। इसमें कर्मचारी अपने स्मार्टफोन पर आधार-आधारित फेसियल वेरिफिकेशन के माध्यम से इन/आउट उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह प्रणाली सुविधा और बायोमेट्रिक सुरक्षा-दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। दूसरा विकल्प है प्रवेश द्वारों पर लगे आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण। मंत्रालय भवनों के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर दीवार पर लगे थंब-बेस्ड आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों से कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। दोनों प्रणालियाँ समानांतर रूप से संचालित होंगी और कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी निर्धारित प्रवेश द्वारों पर आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण स्थापित कर दिए हैं और नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है, जिससे व्यवस्थित और निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके आधार और सेवा संबंधी विवरण उपस्थिति पोर्टल में सही ढंग से अपडेट हों। नई उपस्थिति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या अनुपालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा।
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