भुवनेश्वर , फरवरी 04 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक माओवादी ने बुधवार को ओडिशा के मलकानगिरी जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
इस माओवादी सुखराम मरकाम ने एक सेल्फ-लोडिंग राइफल और 12 गोलियों के अलावा अन्य सामग्री भी पुलिस को सौंपी। उसने हिंसा छोड़ने और माओवादियों से सभी तरह के रिश्ते तोड़ने तथा समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। मरकाम का यह आत्मसमर्पण मलकानगिरी में माओवादी कैडर के लिए आखिरी झटका है और जिला अब नक्सल-मुक्त हो गया है।
मरकाम पर कई हिंसक गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है, जिसमें सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर देसी बम विस्फोट करना, पुलिस का मुखबिर होने के शक में आम लोगों को अगवा करना और मारना शामिल है।
ओडिशा सरकार की माओवादी कैडर से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य तथा उसके लोगों की भलाई में हिस्सा लेने की अपील का असर दिखाई दे रहा है। हाल के महीनों में कई विद्रोही मुख्यधारा में लौट आए हैं। सुरक्षा बलों का बढ़ता दबाव, विचारधारा से निराशा, नेतृत्व एवं स्थानीय समर्थन की कमी के अलावा ओडिशा सरकार की नयी समर्पण-और-पुनर्वास नीति ने माओवादियों को गैरकानूनी संगठन से अपना नाता तोड़ने पर मजबूर कर दिया है।
इस नयी नीति के मुताबिक, हथियार डालने वाले माओवादी को कुल 21 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। अंत्योदय गृह योजना (एजी) के तहत घर का इंतज़ाम और शादी के लिए एक बार में 10 लाख रुपये की रकम जैसे फ़ायदे भी मिलेंगे। राज्य की नीति के मुताबिक, समर्पण करने वाले नक्सलियों को 25,000 रुपये दिए जा रहे हैं।
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