बीजापुर , जनवरी 19 -- बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के अत्यंत दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्र जीड़पल्ली में दशकों बाद बच्चों के चेहरों पर शिक्षा की रोशनी से मुस्कान लौटी है। यहाँ झोपड़ी में चलने वाले स्कूल के स्थान पर अब एक पक्का, सुरक्षित और सुसज्जित विद्यालय भवन तैयार हो गया है। यह नवनिर्मित भवन जिला प्रशासन के 'नियद नेल्लनार' अभियान के तहत विकास और विश्वास की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है।
करीब 20 वर्षों से शिक्षा के अभाव का सामना कर रहे इस क्षेत्र में प्राथमिक शाला का पुनर्संचालन और नए भवन का निर्माण बच्चों के भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अब बच्चों को पढ़ने के लिए अस्थायी झोपड़ी नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिला है।
प्राथमिक शाला जीड़पल्ली के नए भवन का विधिवत शुभारंभ गत दिनों गाँव के सरपंच, उपसरपंच, पंच, पेरमा पुजारी, शिक्षकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य पामेड, संकुल समन्वयक धरमारम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने जिला प्रशासन की इस पहल को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए इसकी सराहना की।
जिला प्रशासन द्वारा 'नियद नेल्लनार' अभियान के तहत संवेदनशील एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जीड़पल्ली का यह विद्यालय उसी प्रयास का जीवंत परिणाम है। ग्रामीणों का मानना है कि इस भवन के बनने से न केवल बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक वातावरण भी तैयार होगा। यह पहल साबित करती है कि सरकार और प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति से सबसे दुर्गम इलाकों में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित