रायपुर , जनवरी 07 -- नयी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में हाल ही में हुई कथित राष्ट्रविरोधी नारेबाजी और विवादित गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बुधवार को कहा कि देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाली किसी भी मानसिकता के प्रति सरकार की नीति 'शून्य सहिष्णुता' की है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र को कमजोर करने वाली वैचारिक प्रवृत्तियों के खिलाफ भी निर्णायक संघर्ष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ताकतें देश को विभाजित करने का सपना देख रही हैं, उनका भविष्य तय है और ऐसी सोच का अंत होकर रहेगा।

उन्होंने बस्तर अंचल का उल्लेख करते हुए बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और विश्वास के इस मॉडल से क्षेत्र में स्थायी शांति की नींव मजबूत हुई है।

शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन इसके नाम पर राष्ट्रविरोधी नारे, हिंसा या अलगाव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून के तहत ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि विश्वविद्यालय ज्ञान और राष्ट्रनिर्माण के केंद्र बने रहें।

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