रायपुर , नवंबर 13 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात करके मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय सीमा बढ़ाने की मांग की।

पार्टी ने दूरदराज के आदिवासी इलाकों, हालिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और चल रही कृषि गतिविधियों को देखते हुए यह मांग रखी है।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोहन मरकाम और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू, विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह और शैलेश नितिन त्रिवेदी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को छह बिंदुओं वाला एक ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा कि चार नवंबर से चार दिसंबर, 2025 तक निर्धारित एसआईआर कार्यक्रम की अवधि प्रदेश के लगभग दो करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने और सटीक गणना पत्रक तैयार करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बैठक के बाद कहा, "हमने आयोग का ध्यान दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों, बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं और किसानों की व्यस्तता की ओर आकर्षित किया है। एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर मतदाता को अपना नाम दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।"ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई लोगों के दस्तावेज नष्ट हो गए हैं और वे अभी पुनर्वास प्रक्रिया में हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय धान की कटाई और मिंजाई का सीजन चल रहा है, जिसके कारण किसान इस प्रक्रिया में भाग लेने में असमर्थ हैं। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि अगले विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, इसलिए पर्याप्त समय देकर अधिक प्रामाणिक और सटीक मतदाता सूची तैयार की जा सकती है।

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