भरतपुर , मई 11 -- राजस्थान में धार्मिक आस्था के मद्देनजर 17 मई से शुरू हो रहे अधिक मास के दौरान ब्रज 84 कोस की परिक्रमा के लिए देश विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को राजस्थान में डीग जिले में 67 किलोमीटर (24 कोस) की पैदल परिक्रमा के दौरान भारी असुविधाओं का सामना करने की सम्भावनाओं को देखते ब्रज के साधु संत आक्रोशित हैं।
साधु संतों ने सोमवार को बताया कि परिक्रमा मार्ग पर कई गंभीर अव्यवस्थाएं हैं। इनमें जगह-जगह गड्ढे, मिट्टी का कटाव, अतिक्रमण, निर्माण सामग्री का ढेर, रास्ते में फैली कंटीली झाड़ियाँ, खराब हैंडपंप और पेयजल संकट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, झुके हुए बिजली के तार भी खतरे का कारण बने हुए हैं। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन को चेतावनी दी कि परिक्रमा शुरू होने में 13 दिन शेष रहने के बाद भी परिक्रमा मार्ग की दुर्दशा से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा तो इसके गम्भीर परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कामवन क्षेत्र के बरौली धाऊ गांव में 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर पानी भरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन खामियों के कारण श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
डीग के जिलाधिकारी मयंक मनीष ने 23 अप्रैल को स्वयं परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण करके इन सभी समस्याओं को चिन्हित करते उनके अविलंब निस्तारण के निर्देश दिए थे।
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