अल्मोड़ा (चौखुटिया) , जनवरी 24 -- उत्तराखंड में अल्मोड़ा के चौखुटिया में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं जन संगठनों की शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऐतिहासिक ''नशा नहीं, रोजगार दो'' आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पूरी तैयारी के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि ''नशा नहीं, रोजगार दो'' जैसे जनांदोलन सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन के लिए जनता को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज यह आंदोलन पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है और राज्य को बदलाव की नई दिशा दे सकता है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े सभी साथियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करें।
बैठक में तय कार्यक्रमों के अनुसार 01 फरवरी को चौखुटिया स्थित आरती घाट पर उत्तराखंड के मौजूदा सवालों को लेकर दोपहर 12 बजे से एक खुली बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दिन राज्य की विभिन्न आंदोलनकारी शक्तियों के साथ गहन विचार-विमर्श कर ज्वलंत मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगले दिन 02 फरवरी को प्रातः 10 बजे से चौखुटिया में एक जनजागृति रैली निकाली जाएगी तथा एक आम सभा आयोजित की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उदारीकरण और वैश्वीकरण की आड़ में पहाड़-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद नशामुक्त राज्य के बजाय नशायुक्त उत्तराखंड बनाया जा रहा है। खेती-किसानी चौपट हो चुकी है, बेरोजगारी चरम पर है और ठेकेदारी प्रथा ने युवाओं को शोषण का शिकार बना दिया है।
बैठक में अंकिता भंडारी प्रकरण, गैरसैंण राजधानी, शिक्षा-स्वास्थ्य की बदहाल स्थिति, बढ़ते निजीकरण, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई गई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षाविद आनंद किरौला ने की तथा संचालन पूर्व जिला प्रमुख जमन सिंह मनराल ने किया। बैठक में गैरसैंण राजधानी बनाओ संघर्ष समिति के नारायण सिंह बिष्ट सहित अनेक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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