त्रिशूर , अप्रैल 14 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने आज दावा किया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ ) केरल में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आने के लिए तैयार है और इसके लिए उन्होंने मौजूदा सरकार के खिलाफ चल रही मज़बूत सत्ता-विरोधी लहर का हवाला दिया।
श्री चेन्निथला ने मंगवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कहा कि 10 साल के वामपंथी शासन के बाद केरल की जनता राजनीतिक बदलाव के लिए उत्सुक है। उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा किए गये दावों और अनुमानों को "मनगढ़ंत" बताते हुए खारिज कर दिया, और कहा कि इनका मकसद केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है।
उन्होंने यूडीएफ के चुनाव प्रचार में आई तेज़ी का श्रेय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व को दिया और कहा कि उनकी लगातार निगरानी, रणनीतिक दिशा-निर्देश, और कांग्रेस तथा यूडीएफ में एकता सुनिश्चित करने के प्रयासों ने इसमें निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने समन्वित प्रयासों और आधुनिक मीडिया रणनीतियों के माध्यम से चुनाव प्रचार को मज़बूत बनाने में सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस नेतृत्व के योगदान को भी रेखांकित किया।
श्री चेन्निथला ने कहा कि ज़मीनी स्तर से मिली जानकारी से पता चलता है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार से जनता में भारी असंतोष है। उन्होंने बताया कि यूडीएफ विधानसभा में 100 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा, "यूडीएफ के पक्ष में लहर है। अंतिम नतीजे वोटों की गिनती वाले दिन पता चलेंगे।"कांग्रेस नेता ने ईसाई धार्मिक नेताओं और संस्थाओं के ख़िलाफ़ कथित टिप्पणियों और कार्रवाइयों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कड़ी आलोचना भी की। उन्होंने ऐसी टिप्पणियों को "अस्वीकार्य" बताया और कहा कि चर्च या उसके पादरियों को निशाना बनाने के किसी भी प्रयास का केरल एकजुट होकर विरोध करेगा। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में, बिशप और चर्च के नेताओं को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। उन पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से जुड़े कथित राजनीतिक गठजोड़ों का ज़िक्र करते हुए श्री चेन्निथला ने कहा कि केरल की जनता ऐसे गठजोड़ों को स्वीकार नहीं करेगी, और उन्होंने सत्ताधारी नेतृत्व पर चुनावी फ़ायदे के लिए समझौता करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के आंतरिक मामलों पर उन्होंने कहा कि पार्टी का आलाकमान उचित फ़ैसले लेने में सक्षम है, और उन्होंने सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं को ज़रूरत से ज़्यादा महत्व न देने की सलाह दी। विशु की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएँ देते हुए, कांग्रेस नेता ने सभी मलयालियों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की, और उम्मीद जताई कि एक नई सरकार राज्य में प्रगति और स्थिरता लाएगी।
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