बेतिया(भितिहरवा), 21नवंबर (वार्ता) जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नही है, बल्कि उसकी सोच को व्यवस्था ने एक सुनियोजित तरीके से कुचलने का प्रयास किया है।

श्री किशोर ने आज पश्चिम चंपारण जिले के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम में अपना एक दिन का उपवास तोड़ा। उन्होंने पत्रकारो से बातचीत में कहा कि जनसुराज को चुनाव में पराजित किया गया है, लेकिन बिहार बदलाव की उसकी सोच जस की तस कायम है। उन्होंने कहा कि अगले जनवरी महीने तक उनकी पार्टी आत्ममंथन के दौर से गुजरेगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि नई सरकार आई है लेकिन बिहार में कोई बदलाव नही आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुनार भले ही व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार व्यक्ति हैं , लेकिन उनके मंत्रिमंडल में वही पुराने भ्रष्टाचारी लोग वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान तरह तरह के हथकंडे अपनाए गए, जनता का वोट खरीदा गया और अब यह सरकार मनमाने ढंग से चलेगी।

श्री किशोर ने कहा कि बिहार के मतदाता के साथ छल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार के पास अपने खजाने में पैसे नही थे, ऐसी स्थिति में विश्व बैंक से विकास योजनाओं के नाम पर लिए गए पैसे का दुरुपयोग करते हुए महिला मतदाताओं के खाते में दस हजार रुपये भेजे गये। इतना ही नही उन्हें सरकार बनने के बाद दो लाख और देने का वादा किया गया। उन्होंने कहा कि जनसुराज का इस बात को ले कर अभियान जारी रहेगा कि सरकार अपने वादे को पूरा करे। उन्होंने कहा कि अभी से अगले डेढ़ साल तक जनसुराज के कार्यकर्ता बिहार के एक लाख 18 हजार वार्डों और सभी प्रखंडों में जा कर उन एक करोड़ 40 लाख जीविका समूह की दीदियों से मिलेंगे, जिनके खाते में दस हजार भेजे गए हैं और ऐसे लाभार्थियों को दो लाख के अगले वादे की याद भी दिलायेंग। उन्होंने कहा कि वह स्वयं कम से कम एक बार सभी प्रखंडों का दौरा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सरकार के वादे को याद दिलाने का कार्यक्रम सुचारू रूप से चलता रहे।

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