नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- केंन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि इससे दुनिया में भारत के लोकतंत्र को धूमिल करने का काम किया जा रहा है।
श्री शाह ने चुनाव सुधारों पर दो दिनों तक हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि दो दिन संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोगों के बीच इस तरह का संदेश देने की कोशिश की गई कि हम चर्चा नहीं करना चाह रहे हैं। हम भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लोग चर्चा से कभी नहीं भागे। चर्चा के लिए हमने न कहा, इसके पीछे भी कारण थे। विपक्ष एसआईआर की डिटेल में समीक्षा की मांग कर रहा है, जो संभव नहीं है क्योंकि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। हम चुनाव नहीं करवाते हैं। इस पर चर्चा होगी तो जवाब कौन देगा? जब ये चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए तैयार हुए, हमने दो दिन चर्चा की।
श्री शाह ने कहा कि चर्चा तय हुई चुनाव सुधार पर लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने एसआईआर पर ही बोला। जवाब तो मुझे देना पड़ेगा। मैंने पहले के भी सभी एसआईआर का गहन अध्ययन किया है और कांग्रेस की ओर से फैलाए गए झूठ का अपने तर्कों के हिसाब से जवाब देना चाहता हूं। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। श्री शाह ने कहा कि विपक्ष एसआईआर का मुद्दा छेड़कर बहस को भटकाना चाहता था, जबकि सरकार व्यापक चुनावी सुधारों पर सार्थक चर्चा चाहती थी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है, यह व्यवस्था जब बनी, तब हम थे ही नहीं। अनुच्छेद 324 में चुनाव आयुक्त को विशेष अधिकार दिए गए। अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता तय की गई है। एसआईआर का अधिकार चुनाव आयोग को अनुच्छेद 327 में है। एसआईआर चुनाव को पवित्र रखने की प्रक्रिया है। चुनाव जिस आधार पर होते हैं, वह वोटर लिस्ट ही अशुद्ध है, तो चुनाव कैसे पवित्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए यह तय नहीं कर सकते कि सीएम-पीएम कौन हो।
गृह मंत्री ने कहा कि हम भी विपक्ष में बैठे हैं। हम जीत से ज्यादा हारे हैं। कई चुनाव हम हारे हैं। हमने चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग पर कभी आरोप नहीं लगाए। एक नया पैटर्न खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए, श्री स्टालिन ने लगाए, श्री राहुल गांधी ने लगाए, अखिलेश यादव ने लगाए, हेमंत सोरेन ने लगाए, भगवंत मान ने लगाए। पहले ऐसी परंपरा सिर्फ कांग्रेस में थी लेकिन कड़ी ऐसी जुड़ी की यह आरोप अब इंडी गठबंधन के लोग भी लगाने लगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित