नयी दिल्ली , जनवरी 23 -- चुनाव आयोग ने ड्यूटी में लापरवाही या दुर्व्यवहार के मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सख्त प्रक्रियाओं की रूपरेखा बताते हुए निर्देश जारी किया है।
चुनाव आयोग ने इसके मद्देनजर शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। आयोग ने कहा कि बीएलओ की नियुक्ति जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की मंजूरी से होती है। बीएलओ को चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्त माना जाता है और वे आयोग के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं।
आयोग ने कहा कि अगर कोई बीएलओ अपने काम में लापरवाही करता है, जानबूझकर निर्देशों की अनदेखी करता है, कानून या नियमों का उल्लंघन करता है, या ऐसा कोई काम करता है जिससे मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता प्रभावित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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