शीर्षेंदू पंथ सेकोलकाता , अप्रैल 27 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बिकास रंजन भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर 'अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल' रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि आयोग को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अधिक तर्कसंगत तरीके से काम करना चाहिए था ताकि इतनी बड़ी संख्या में मतदाता बाहर न हों।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में जादवपुर से माकपा उम्मीदवार और दिग्गज अधिवक्ता श्री भट्टाचार्य ने 'यूनीवार्ता' को एक विशेष साक्षात्कार में दावा किया कि आयोग धीरे-धीरे 'लोगों का विश्वास' खो रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए 'बहुत खतरनाक' है।
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा, "चुनाव आयोग मतदाता सूची तैयार करते समय अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहा है। आयोग का प्राथमिक कर्तव्य मतदाता सूची तैयार करना है, लेकिन इसे ठीक से नहीं किया गया। आयोग को बहुत अधिक सतर्क रहना चाहिए था।"त्रिपुरा के पूर्व महाधिवक्ता ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की व्याख्या के लिए गढ़े गए शब्द 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने एसआईआर के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेने के लिए आयोग की आलोचना करते हुए कहा, "लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी जैसा कुछ नहीं होता, इसे 'लॉजिकल इडियोसी' (तार्किक मूर्खता) कहा जाता है।"श्री भट्टाचार्या ने कहा, "आप मानवीय मस्तिष्क की सहायता के बिना एआई पर भरोसा नहीं कर सकते। एआई केवल दिए गए डेटा के आधार पर कार्य करेगा। आयोग को यह समझना चाहिए था कि लोग अपना नाम अलग-अलग वर्तनी (स्पेलिंग) के साथ लिखते हैं, लेकिन इसे भी कई मतदाताओं के खिलाफ इस्तेमाल किया गया।"कोलकाता के पूर्व मेयर (2005-2010) ने हालांकि कुछ राजनीतिक दलों के उन आरोपों को 'निराधार' बताया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप का समर्थन भी किया।
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा व्यक्तिगत रूप से उच्चतम न्यायालय में पेश होने पर उन्होंने इसे 'महज दिखावा' करार दिया। उन्होंने शिकायत की, "उन्होंने बंगाल के मतदाताओं के लिए पर्याप्त मदद देने के बजाय अधिक परेशानी पैदा की। उन्होंने अदालत में वादा किया था कि वह बंगाली अधिकारियों की उचित सहायता प्रदान करेंगी, जो उन्होंने नहीं किया।"मौजूदा चुनाव पर श्री भट्टाचार्या ने कहा कि वाम मोर्चा मजबूत हो रहा है और उसके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी की 'संभावना' है। ममता बनर्जी को 'भाजपा की रचना' बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवा खेमे ने किसी कारण से उन्हें बढ़ावा दिया और अब वे उन्हें हटाकर सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोग अब सुश्री बनर्जी के 'भ्रष्ट प्रशासन' के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं, जिसका लाभ अंततः वामपंथियों को मिलेगा।
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