नयी दिल्ली , फरवरी 06 -- मुख्य चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों में तैनात होने वाले केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दो दिन चले संवाद के बाद सभी पर्यवेक्षकों से कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव कराने का आह्वान किया है।

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को यहां बताया कि दो दिन तक यहां चले इस संवाद में 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षक शामिल हुए। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों में तैनात होने वाले आयोग द्वारा नियुक्त इन केंद्रीय पर्यवेक्षकों की बैठकें यहां भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में गुरुवार और शुक्रवार को आयोजित की गयी। बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षकों सहित कुल 1,444 अधिकारी शामिल हुए। इन पर्यवेक्षकों को मतदाता सूचियों की तैयारी, चुनावों के संचालन, व्यय अनुवीक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी तथा मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान ईवीएम का प्रदर्शन भी करवाया गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी के साथ बैठकों के दूसरे और अंतिम दिन केंद्रीय पर्यवेक्षकों के तीसरे बैच को संबोधित किया। उन्होंने आग्रह किया कि इसमें किसी भी प्रकार का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पर्यवेक्षकों से इसका पालन करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में आयोग द्वारा पहले से शुरू की गयी नयी पहलों के अलावा, आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कुछ और नयी पहलें भी की जा रही हैं। उन्होंने पर्यवेक्षकों से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

डॉ. सुखबीर सिंह संधु ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी है और जब वे क्षेत्र में होते हैं, तो वे निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने अधिकारियों से पर्यवेक्षकों के तौर पर अपनी ड्यूटी निभाते समय उच्च स्तर के आचरण का पालन करने और सभी के लिए एकसमान अवसर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि वे प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का तुरंत निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया में लोगों और राजनीतिक दलों का भरोसा बढ़ता है। उन्होंने पर्यवेक्षकों को पिछले एक साल में आयोग द्वारा शुरू की गई कई नई पहलों के बारे में भी बताया, जिन्हें बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान सफलतापूर्वक लागू किया गया था।

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