चंडीगढ़ , अप्रैल 06 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सोमवार को कहा कि पार्टी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को अत्यंत पवित्र, गुरु और ईश्वर के रूप में मानती है और बेअदबी (अपवित्रता) की घटनाओं को उच्चतम गंभीरता के साथ लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बेअदबी के मामलों को हत्या के समान आरोपों के तहत दर्ज किया जाना चाहिए और दोषियों के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान होना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को प्रस्तावित बेअदबी विरोधी कानून में "प्राण प्रतिष्ठित" हिंदू मूर्तियों को स्पष्ट रूप से शामिल करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आस्था के मामलों में किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि कुछ शरारती तत्व एक साजिश के तहत बेअदबी की घटनाओं के जरिए पंजाब में अशांति और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।

मान सरकार पर तीखा सवाल उठाते हुए श्री चुघ ने पूछा कि पंजाब जानना चाहता है कि इस संशोधन विधेयक को लाने में सरकार को 49 महीने का समय क्यों लगा? उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों के बावजूद, आप सरकार ने इस अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर वर्षों तक देरी की, जो उनकी गंभीरता की कमी को दर्शाता है।

उन्हाेंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों और प्रतीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने हाल की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाया गया है, जो स्पष्ट रूप से पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि मान सरकार न केवल नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल रही है, बल्कि पुलिस प्रतिष्ठान भी सुरक्षित नहीं हैं, जो सरकार की मंशा और शासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

श्री चुघ ने आप सरकार से आग्रह किया कि वह प्रस्तावित विधेयक में तुरंत संशोधन करे और "प्राण प्रतिष्ठित" हिंदू मूर्तियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रावधान शामिल करे, ताकि सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।

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