पटना , अप्रैल 30 -- बिहार में गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने और चीनी मिलों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

सरकार के आदेश पर गन्ना उद्योग विभाग ने क्षेत्रीय विकास परिषद (जेडीसी) के कमीशन में 90 फीसदी की कटौती कर दी है। इससे किसानों के हित को संरक्षित करने के साथ ही चीनी उद्योग को आर्थिक लाभ हो सकेगा।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही राज्य में 25 नई चीनी मिलों को स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे कि बिहार में गन्ना उद्योग को बढ़ावा मिल सकें।

राज्य के चीनी उद्योगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा था। इसको लेकर चीनी मिल संचालकों द्वारा राज्य सरकार से आर्थिक पैकेज देने की मांग की जा रही थी। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने पेराई सत्र 2025-26 में क्रय किये गए गन्ने पर क्षेत्रीय विकास परिषद को मिलने वाले ईख मूल्य दर का 1.80 फीसदी राशि में कटौती कर उसे 0.2 फीसदी कर दिया है। इस तरह जेडीसी के कमीशन में 90 फीसदी की कटौती की गई है।

बताया जाता है कि चीनी मिलों के द्वारा किसानों से खरीदे जाने वाले प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य का 1.80 फीसदी राशि कमीशन के रूप में जेडीसी को भुगतान किया जाता था, जिससे क्षेत्रीय विकास परिषद राज्य में गन्ना क्षेत्र का विकास, गन्ना बीज, किसानों की समस्याओं सहित अन्य कार्यों को कर सकें। राज्य सरकार द्वारा जेडीसी के कमीशन में की गई 90 फीसदी कटौती से चीनी मिलों को अपने आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव के.सेंथिल कुमार ने बताया कि राज्य में चीनी मिल उद्योगों के आर्थिंक स्थिति को बेहतर बनाने और किसानों के हितों को देखते हुए जेडीसी के कमीशन में कटौती की गई है। उन्होंने बताया कि इसकी स्वीकृति कैबिनेट से मिल गई है। इससे चीनी मिल संचालकों को लाभ होगा।

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