भुवनेश्वर , जनवरी 9 -- चिल्का झील के किनारे मंगलजोड़ी और बरकुल में आयोजित तीन-दिवसीय चिल्का पक्षी महोत्सव और नाव दौड़ प्रतियोगिता संपन्न हो गयी। नाव दौड़ और फोटोग्राफी कार्यक्रमों के जरिये ओडिशा पर्यटन को बढ़ावा देने का नया अध्याय खुल गया है।
समापन समारोह में ओडिशा के विधि, कार्य और आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने चिल्का झील को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नाव दौड़ जैसी नयी पहल चिल्का झील के वैश्विक आकर्षण को बढ़ाने के लिए अहम हैं।
मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में चिल्का क्षेत्र में मछली पालन संसाधनों के विकास, मछली घाटों, जलमार्गों, परिवहन सुविधाओं और पर्यटन संरचना के विकास के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है।
नाव दौड़ प्रतियोगिता में मछुआरा समूहों की उत्साही भागीदारी देखी गयी। चिल्का के पानिद्वार पीएफएससी विजेता रहा, दूसरे स्थान पर मां दोमानी देवी पीएफसीएस-2 रहा, जबकि खुर्दा का बिंध्यागिरी पीएफसीएस तीसरे स्थान पर रहा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित