सैंटियागो , जनवरी 20 -- चिली ने दक्षिणी नुब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में विनाशकारी आग लगने के कारण 'आपदा की स्थिति' घोषित की है।

इन क्षेत्रों में जंगल की भीषण आग लगातार तीसरे दिन भी जारी है, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है और पूरे के पूरे कस्बे तबाह हो गए हैं। इस आपदा के कारण हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है।

राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने इस भीषण आपदा की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, "लगातार जारी भीषण आग को देखते हुए, मैंने इन दोनों क्षेत्रों में 'आपदा की स्थिति' घोषित करने का निर्णय लिया है।" उन्होंने कहा कि इस आपदा से निपटने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

इस घोषणा के बाद चिली के सशस्त्र बलों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है और जिन्हें आपातकालीन कार्यों में मदद करने एवं प्रभावित क्षेत्रों में गश्त करने के लिए तैनात कर दिया गया है।

जंगल की आग शनिवार को सैंटियागो से लगभग 500 किलोमीटर दक्षिण में शुरू हुई थी, जो अब तक दोनों क्षेत्रों में 8,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि को जला चुकी है। यह क्षेत्र लगभग अमेरिकी शहर डेट्रायट के आकार के बराबर है।

अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण करीब 1,000 घर नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से अधिकांश लोग तटीय शहर कॉन्सेप्सिओन के उत्तर में स्थित पेनको और लिरक्वेन शहरों से हैं।

स्थानीय मीडिया ने जलते हुए वाहनों की तस्वीरें दिखाईं, जबकि आग कॉन्सेप्सिओन की सीमा से लगे जंगलों में तेजी से फैल रही थी। अधिकारियों ने वहां की स्थितियों को विशेष रूप से खतरनाक बताया है।

चिली की वानिकी एजेंसी 'कोनाफ' ने कहा कि दमकलकर्मी देशभर में कम से कम 24 स्थानों पर लगी आग की लपटों से जूझ रहे हैं, जिनमें सबसे भयावह आग नुब्ले और बायोबियो में लगी है। सोमवार को आपदा प्रभावित दोनों क्षेत्रों में 3,500 से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया था।

राष्ट्रपति बोरिक ने चेतावनी दी है कि हालांकि कुछ स्थानों पर आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन कई जगह आग अब भी 'बहुत तेजी से फैल रही' है और पड़ोसी अराकानिया क्षेत्र में भी आग लग गई है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और उच्च तापमान ने इस आग को और भड़का दिया है, जिससे अग्निशमन कर्मियों को जूझना पड़ रहा है और आग लगे क्षेत्र की आसपास की बस्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। चिली का बड़ा हिस्सा अभी भी 'हीट अलर्ट' पर है। आने वाले दिनों में सैंटियागो और बायोबियो के बीच तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, हालांकि कल स्थिति थोड़ी बेहतर थी और तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहा।

अधिकारियों ने आशंका जतायी कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। हाल के वर्षों में चिली ने जंगलों में लगी भीषण आग के कई दौर देखे हैं, जो लंबे समय तक सूखे और बढ़ते तापमान के कारण और भी बदतर हो गए हैं। सैंटियागो स्थित 'सेंटर फॉर क्लाइमेट एंड रेजिलिएंस रिसर्च' के 2024 के एक अध्ययन में पाया गया कि जलवायु परिवर्तन ने लंबे समय तक शुष्कता और गर्मी को बढ़ावा देकर 'दक्षिण-मध्य चिली में अत्यधिक आग की स्थिति' पैदा कर दी है।

गौरतलब है कि दो साल पहले, सैंटियागो के पास वालपराइसो क्षेत्र में लगी आग में कम से कम 120 लोग मारे गए थे, जबकि फरवरी 2024 में विना डेल मार के पास लगी आग में 138 लोगों की जान चली गई थी।

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