देहरादून , अक्टूबर 25 -- देश और दुनिया को चिपको आन्दोलन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देने वाले उत्तराखंड के चमोली जनपद के रैणी गांव में शनिवार को आन्दोलन की प्रणेता स्व० गौरा देवी के जन्म-शती समारोह के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण की विषय-वस्तु पर आधारित एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें डाक विभाग की ओर से स्व गौरादेवी पर केंद्रित आवरण चिह्न (डाक टिकट), का अनावरण राज्य के वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। समारोह में स्वर्गीय गोरा देवी के पुत्र चन्द्र सिंह राणा भी उपस्थित थे।
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के तत्वावधान में सम्पन्न कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उनियाल ने स्व० गौरा देवी जी को पर्यावरण संरक्षण की प्रतीक बताते हुए कहा, "गौरा देवी जी के संघर्ष से यह सीख मिलती है कि एक सामान्य नागरिक भी पर्यावरण संरक्षण में अभूतपूर्व योगदान दे सकता है। उन्होंने केवल अपने पगरैंणी (रेणी) के जंगलों को ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और समूचे देश के वनों व बचाने की प्रेरणा दी।" उन्होंने कहा कि 'वन बचाओ, जीवन बचाओ' का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना चिपको आंदोलन के समय था। उन्होंने मानव-वन्य जीव सह-अस्तित्व को समय की आवश्यकता बताते हुए जन भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक लखपत सिंह बुटोला, डाक विभाग की ओर से राज्य की मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल शशि शालिनी कुजुर, अनसूया प्रसाद चमोला, निदेशक, डाक विभाग के अलावा, ग्राम रेणी, लाता एवं अन्य ग्रामों के प्रधान, वन पंचायत सरपंच, महिला एवं युवक मंगल दलों, वन एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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