नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- चंबल विकास समिति ने चंबल नदी बेसिन के संरक्षण एवं विकास के लिए विशेष आवंटन एवं राष्ट्रीय स्तर की नीति निर्माण एवं बीहड़ क्षेत्रों में सिंचाई, कृषि, मत्स्य पालन एवं रोजगार सृजन के लिए विशेष योजनाएं बनाने की मांग की है।

चंबल विकास समिति के संयोजक जोगिन्द्र सिंह भदौरिया ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि चंबल विकास यात्रा की 20 फरवरी एक मार्च तक चंबल नदी के उद्गम से संगम तक चलेगी। यह यात्रा मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से गुजरेगी। इस यात्रा का उद्देश्य चंबल नदी के संरक्षण, बीहड़ क्षेत्रों के विकास, जल जागरण एवं सांस्कृतिक धरोहरों के प्रचार के माध्यम से जन-जन में पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव की भावना जगाना है।

श्री भदौरिया ने कहा कि चंबल विकास यात्रा चंबल नदी को देश की जीवन-रेखा के रूप में स्थापित करने का एक व्यावहारिक प्रयास है। यह नदी भारत की एकमात्र प्रमुख अपेक्षाकृत प्रदूषण-मुक्त नदियों में से एक है, जो यमुना में मिलकर गंगा की जलधारा को मजबूत करती है। यात्रा में प्रमुख स्थलों का दौरा,शिव मंदिरों में पूजन, स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों का सम्मान एवं ग्रामीण समुदायों से संवाद शामिल होगा। उन्होंने बताया कि चंबल क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए आर्थिक विकास पैकेज एवं विशेष पैकेज, चंबल घाटी में शांति स्थापना, सामाजिक सद्भाव एवं सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास,राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं जैव-विविधता संरक्षण के लिए मजबूत कदम उठाना है।

उन्होंने बताया कि चंबल क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल आदि की स्मृतियों के सम्मान में स्मारक एवं जागरण कार्यक्रम किये जायेंगे। यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में समन्वय स्थापित कर चंबल बेसिन प्रबंधन को मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्गम महू के पास चंबल उद्गम से जनापाव कुटी है।

श्री भदौरिया ने कहा, " चंबल विकास यात्रा मात्र एक यात्रा नहीं, बल्कि चंबल नदी को प्रदूषण-मुक्त रखने, बीहड़ क्षेत्रों का विकास करने एवं तीन प्रदेशों में सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का एक सामूहिक संकल्प है। हम केंद्रीय मंत्रियों एवं राज्य सरकारों से इन मांगों पर तत्काल ध्यान देने एवं सहयोग की अपेक्षा रखते हैं, ताकि चंबल को राष्ट्र की जीवन-रेखा के रूप में स्थापित किया जा सके। "उन्होंने बताया कि यात्रा को आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है।

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