नयी दिल्ली , मार्च 22 -- चंबल नदी के संरक्षण और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ शुरू हुई 'चंबल विकास यात्रा' का दिल्ली में सफलतापूर्वक समापन हो गया।
इस अवसर पर यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक जोगिंद्र सिंह भदौरिया ने दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी इंस्टीट्यूट ऑफिसर क्लब में आयोजित एक विशेष संवाद के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील से शिष्टाचार मुलाकात की और चंबल के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा।
यह यात्रा 20 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के पावन स्थल जनापाव कुटी से प्रारंभ हुई थी। लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह यात्रा उत्तर प्रदेश के पचनदा संगम पर संपन्न हुई। इस दौरान यात्रा तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश) के 15 जिलों से गुजरी, जहाँ इसे लाखों लोगों का अपार जनसमर्थन मिला।
श्री भदौरिया ने केंद्रीय मंत्री के साथ हुई मुलाकात में चंबल के विकास के लिए कुछ ठोस प्रस्ताव रखे। इसमें क्षेत्र के एकीकृत विकास के लिए एक समर्पित बोर्ड चंबल विकास बोर्ड का गठन की स्थापना के साथ, नदी के प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखते हुए घाटों का निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा, घड़ियाल और डॉल्फिन के संरक्षण के साथ-साथ अवैध उत्खनन पर पूर्ण रोक और बीहड़ क्षेत्रों में विकास कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल हैं।
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