नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- चंबल विकास समिति के तत्वावधान में 10 से 20 फरवरी तक भव्य चंबल यात्रा आयोजित की जायेगी, जिसमें क्षेत्र की वीरता और साहस से भरी गाथायें और वहां की जीवनशैली से देशवासियों को परिचित कराया जायेगा।
यात्रा समिति के संयोजक जोगिंदर सिंह भदौरिया ने यहां संवाददाताओं को बताया कि यह यात्रा मध्य प्रदेश में इंदौर के निकट महू स्थित जानापाव से शुरू होगी, जो विंध्याचल पर्वत श्रृंखला में स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यात्रा 10 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी को उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पचनदा (पंचनद संगम स्थल) पर संपन्न होगी। यह यात्रा लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी तथा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जायेगी। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
श्री भदौरिया ने कहा कि चंबल घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करेगी तथा क्षेत्रीय विकास एवं एकता को बढ़ावा देगी। इस यात्रा के माध्यम से चंबल क्षेत्र के विकास संबंधी मांगें उजागर की जाएंगी जिनमें चंबल क्षेत्र को आर्थिक आधार पर पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा चंबल विकास बोर्ड की स्थापना शामिल है। समिति चंबल का मूल स्वरूप को बचाने, बीहड़ों एवं जंगलों को उपजाऊ बनाने, गौ अभयारण्य की स्थापना तथा चंबल क्षेत्र में पर्यटन के विकास पर भी जोर दे रही है। समिति का कहना है कि चंबल क्षेत्र के युवाओं को जल, थल एवं वायु सेना, पुलिस एवं अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती में विशेष रियायत देने की जरूरत है।
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