मुरैना , नवम्बर 4 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने सोमवार को चंबल नदी के कुठियाना घाट पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने घाट तक जाने वाले सभी रास्तों को जेसीबी मशीनों की मदद से गहरे गड्ढे खोदकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।
वन विभाग सूत्रों के अनुसार, पहले भी इन मार्गों पर गड्ढे खोदे गए थे, लेकिन रेत माफिया ने उन्हें मिट्टी से भरकर दोबारा रास्ते बना लिए थे। इसके बाद घाट से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन पुनः शुरू कर दिया गया था। विभाग ने आज तड़के फिर से गड्ढे खोदकर इन रास्तों को बंद कर दिया और घाट क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, वर्षा ऋतु में नदी का जलस्तर बढ़ने से रेत का अवैध व्यवसाय लगभग बंद हो जाता है, लेकिन बारिश समाप्त होते ही रेत माफिया फिर सक्रिय होकर बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन और परिवहन शुरू कर देते हैं। बताया गया है कि इस अवैध धंधे से जिले के एक हजार से अधिक परिवार किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि चंबल नदी क्षेत्र को अभयारण्य घोषित किए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने यहां रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, ताकि विलुप्तप्राय जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे। इसके बावजूद रेत माफिया लगातार प्रतिबंधों की अनदेखी कर इस अवैध कारोबार को जारी रखे हुए हैं।
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