चम्पावत , अक्टूबर 24 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार टनकपुर दौरे पर 20.50 करोड़ रुपए की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर की तर्ज पर चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने एवं छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य किए जाने की घोषणा की।
श्री धामी ने कहा कि टनकपुर के छीनीगोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाने से यह क्षेत्र मानसून में होने वाले क्षति से बच सकेगा और कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से स्थानीय युवाओं को कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। यह कदम क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगा और पर्वतीय कृषि अर्थव्यवस्था को नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा ये दोनों घोषणाएं चंपावत को शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। आज शिक्षा स्वास्थ्य कृषि उद्यान रोजगार देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। ऐसे में चंपावत में भी विकास को आगे बढ़ाया गया है।
इसी के साथ ही मुख्यमंत्री ने आज टनकपुर में कुमाऊं की प्रचलित भैया दूज (च्यूड़ा पूजन) समारोह में प्रतिभाग किया। इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से महिलाओं ने मुख्यमंत्री की लंबी आयु, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पूजन भाई-बहन के अटूट बंधन और लोक परंपराओं के प्रति स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का प्रतीक है।
श्री धामी ने इस दौरान महिलाओं द्वारा दिए गए अपार स्नेह और सम्मान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इन पर्वों के माध्यम से हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्थित शारदा घाट में भी पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को यह आरती अपनी ओर आकर्षित करती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित