चंडीगढ़ , जनवरी 12 -- लोहड़ी लोकपर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जहां-जहां पंजाबी समुदाय रहता है, वहां यह त्योहार खास उत्साह और परंपरागत ढंग से मनाया जाता है। चंडीगढ़ में भी लोहड़ी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। त्योहार से पहले ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और मूंगफली, रेवड़ी, गजक, तिल, पॉपकॉर्न और लकड़ियों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

लोहड़ी का पर्व विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिनके घर में नई बहू आई हो या नवजात शिशु का जन्म हुआ हो। ऐसे परिवारों में यह त्योहार खास धूमधाम से मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार लोग शाम के समय घरों के बाहर या खुले स्थान पर अलाव जलाते हैं और उसके चारों ओर एकत्र होकर अग्नि को तिल, मूंगफली, रेवड़ी, गजक और पॉपकॉर्न अर्पित करते हैं। इसके साथ ही सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।

लोहड़ी के अवसर पर ढोल की थाप पर पारंपरिक गीतों के साथ नृत्य करने की परंपरा भी है। लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाइयां देते हैं और परिवार व मित्रों के साथ त्योहार का आनंद उठाते हैं। बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है।

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