चंडीगढ़ , अप्रैल 11 -- केन्द्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ शहर आने वाले पर्यटकों को अब महंगे होटलों का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। प्रशासन 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (बी एंड बी) स्कीम शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत पर्यटक अब शहर की आलीशान कोठियों में ठहर सकेंगे।
इस योजना से जहां पर्यटकों को किफायती आवास मिलेगा, वहीं मकान मालिकों को अतिरिक्त आय का अवसर भी प्राप्त होगा। खास बात यह है कि इन घरों को कमर्शियल यूनिट नहीं माना जाएगा, जिससे मालिकों को घरेलू दरों पर ही टैक्स और बिजली बिल देना होगा।
प्रशासन ने इस स्कीम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और 14 अप्रैल तक आम लोगों से सुझाव मांगे गये हैं। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। ड्राफ्ट के अनुसार, एक मकान मालिक अपने घर में अधिकतम आठ कमरे किराये पर दे सकेगा। घर पूरी तरह रिहायशी होना चाहिए और बाहर से सामान्य मकान जैसा ही दिखना जरूरी होगा।
हर कमरे में अटैच्ड बाथरूम, वेस्टर्न टॉयलेट, पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन होना अनिवार्य है। साथ ही मेहमानों के लिए पार्किंग और जरूरी फर्नीचर की व्यवस्था भी करनी होगी। एक कमरे में अधिकतम दो बेड रखने की अनुमति होगी।
मकान मालिक को सुविधाओं और किराये की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। किसी भी तरह की अन्य व्यावसायिक गतिविधि, शोर-शराबा या पड़ोसियों की निजता भंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना या रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
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