चंडीगढ़ , मार्च 24 -- पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मंगलवार को किसान भवन में आज़ाद किसान मोर्चा से जुड़े नेताओं और 11 किसान संगठनों द्वारा एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंजाब के किसान आंदोलन को नई दिशा देने और उसे और मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेताओं सुखा गिल (मोगा), सतनाम सिंह, सुखदेव सिंह हरियांवाला, जसवीर सिंह आहलूवालिया और सरजेर सिंह सहित अन्य ने बताया कि इस एकजुटता का मुख्य उद्देश्य किसानों के हकों के लिए संगठित होकर संघर्ष को तेज करना है। उन्होंने कहा कि बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

नेताओं ने खुलासा किया कि आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार की जाएगी। विशेष रूप से पंजाब में खस-खस की खेती को बढ़ावा देने और नशे जैसी गंभीर समस्या के समाधान के तौर पर भुक्की और अफीम के ठेके खोलने की मांग भी उठाई गई।

इसके अलावा, बैंकों और सरकार द्वारा 109 किसानों की जमीन कुर्क करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करने का एलान किया गया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह कार्रवाई आगे बढ़ाई गई तो इसके खिलाफ तीखा संघर्ष शुरू किया जाएगा।

किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से किसानों पर चढ़े कर्ज को माफ करने की मांग भी दोहराई। वहीं, इंसाफ मोर्चे के तहत उन्होंने यह भी कहा कि जिन बंदी सिंहों की सजा पूरी हो चुकी है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

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