देवरिया, जनवरी 11 -- उत्तर प्रदेश के कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को विपक्षी दलों पर तंज कसते हुये कहा कि घोटालेबाजों, भ्रष्टाचारियों और गबन करने वालों पर नकेल कसने पर विपक्ष को जांच एजेंसियां पिंजरे का ताेता नजर आती हैं।
श्री शाही ने रविवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में बंगाल में ईडी के जांच में व्यवधान डालने के प्रश्न पर कहा कि बंगाल में जांच एजेंसी के कार्य में व्यवधान डाला गया और वहां जांच एजेंसी से जबरदस्ती फाइलें ली गई। यह एक तरीके से कानून व्यवस्था और संवैधानिक संस्था पर हमला है। जब घोटाले, भ्रष्टाचार और गबन करने वाले पकड़े जाते हैं, तब विपक्ष को जांच एजेंसियां पिंजरे का तोता नजर आने लगती हैं। उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे हैं,जिन्होंने वर्षों तक देश की संपत्ति को लूटा है।
उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज लोग जब कानून के हाथों में आते हैं तो राजनीतिक दल दबाव बनाकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने यूपीए सरकार के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जिनके नाम सामने आ चुके हैं, उन्हें नैतिकता की बात करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने लालू यादव का नाम लेते हुए कहा कि उनके बारे में अदालत ने जो शब्द प्रयोग किये हैं।उस पर तो यूपीए के नेताओं को डूब मरना चाहिए।
श्री शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश विकास के रथ पर चल रहा है। अब देश व प्रदेश में घोटालेबाजों, भ्रष्टाचारियों और गबन करने वालों का कोई स्थान नहीं है। देश की जांच एजेंसियां ऐसे लोगों को कानून के कटघरे में खड़ा कर कानून के अनुसार कार्य करने का काम कर रही हैं।
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