रांची , नवम्बर 10 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने घाटशिला उपचुनाव को लेकर भाजपा नेताओं पर हमला बोला।

श्री भट्टाचार्य ने सोमवार को रांची में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा नेता चंपाई सोरेन की प्रेस वार्ता में हताशा साफ झलक रही थी क्योंकि घाटशिला की जनता इस बार फिर से झामुमो पर विश्वास जताने जा रही है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि 14 नवंबर को झामुमो को प्रचंड जनादेश मिलेगा और पार्टी फिर से विजय का प्रमाणपत्र हासिल करेगी।

श्री भट्टाचार्य ने घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को संदेश देते हुए कहा कि वह इस बार भी पिछली बार की तरह झामुमो को मौका देंगे। उन्होंने इस चुनाव को केवल एक प्रत्याशी का मुकाबला नहीं बताया, बल्कि कहा कि यह चुनाव झारखंड के अस्तित्व, आदिवासी अस्मिता और विकास के लिए निर्णायक साबित होगा। भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के सभी उम्मीदवार खासकर भाजपा के नेता, चुनाव को लेकर हताश हैं और अपनी हार को लेकर पछता रहे हैं।

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि घाटशिला की जनता इस बार शिबू सोरेन और रामदास सोरेन जैसे झारखंड आंदोलन के प्रतीक नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए झामुमो को समर्थन देगी। उन्होंने इसके साथ ही झामुमो सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उठाए गए विकास के ठोस कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा आईटीआई-पॉलीटेक्निक जैसे शैक्षणिक संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। माइनिंग क्षेत्र में होने के कारण माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने की योजना भी है, जिससे युवाओं को बेहतर शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर मिलेंगे।

श्री भट्टाचार्य ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में घाटशिला का एचसीएल कारखाना बंद कर दिया गया, जिससे लगभग ढाई लाख लोग बेरोजगार हो गए। उन्होंने आश्वासन दिया कि बंद खदानों और कारखानों को पुनः संचालित करके स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और पर्यटन घाटशिला के चुनावी मुद्दे होंगे, जिन पर जनता सोच-समझकर वोट करेगी।

सांप्रदायिक और स्थानीयता के मुद्दे पर भी श्री भट्टाचार्य ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि भाजपा ने बंगला भाषियों को यहां 'बाहरी' और 'बांग्लादेशी' बताकर सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार बंगला भाषियों को मुसलमानों से जोड़कर प्रताड़ित कर रही है, जिससे जनता अब बड़ा जनादेश देने को तैयार है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को बाहरी बताया, जबकि झामुमो प्रत्याशी रामदास दा घाटशिला के खतियानी निवासी हैं और स्थानीय लोगों के बीच गहरी जड़ें रखते हैं।

चंपाई सोरेन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा कि वे पहले झारखंडी अस्मिता के प्रतीक माने जाते थे, लेकिन अब वे खुद ही खुद से विरोधाभास में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल 11 महीनों में ऐसा क्या हुआ कि वे झारखंड की मान्यताओं से मुंह मोड़ बैठे। उन्होंने कहा कि चंपाई इतने हताश हो गए हैं कि सम्मान का अर्थ भी भूल गए हैं, जिन्हे हमने सम्मान दिया, वे उसी को अपमान समझ बैठे।

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इस उपचुनाव में जनता झारखंड की स्थानीय पहचान और विकास की दिशा मजबूत करने के लिए झामुमो को प्रचंड जनादेश देगी और भाजपा की राजनीतिक रणनीति बेअसर साबित होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित