ग्वालियर , दिसंबर 15 -- संगीतधानी ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में 101वें तानसेन संगीत समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पं. राजा काले (मुंबई) को वर्ष 2024 तथा विश्वविख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य (कोलकाता) को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। वहीं मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 और ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित संगीत साधकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे, जिनकी साधना और सुरों ने ग्वालियर को विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाई।
ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग के चतुर्भुज मंदिर की थीम पर तानसेन समाधि परिसर में निर्मित भव्य मंच पर आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विधायक मोहन सिंह राठौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संस्कृति मंत्री श्री लोधी ने कहा कि तानसेन समारोह भारत की वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है, जिसमें पिछले 101 वर्षों से संगीत की आत्मा, रागों की अनुभूति और स्वर साधना निरंतर प्रवाहित हो रही है। यह समारोह हमारी जड़ों, परंपराओं और आत्मा से संवाद का माध्यम है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियरवासियों के लिए यह गौरव का दिन है कि देश और दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में से एक तानसेन समारोह का आयोजन यहां हो रहा है।
तानसेन अलंकरण से सम्मानित पं. राजा काले ने अपने गुरु राजा भैया पूछवाले को स्मरण करते हुए यह सम्मान ग्वालियर घराने की भावपूर्ण गायिकी को समर्पित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। शुभारंभ समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण के अंतर्गत दोनों संगीत साधकों को आयकर मुक्त पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल-श्रीफल भेंट किए गए। वहीं राजा मानसिंह तोमर सम्मान के तहत दोनों संस्थाओं को भी समान रूप से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान तानसेन समारोह पर आधारित स्मारिका तथा ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक राजा भैया पूछवाले की बंदिशों पर आधारित पुस्तिका स्वरांग दर्शन का विमोचन भी किया गया।
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