ग्रेटर नोएडा , दिसंबर 12 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में 2015 में हुए चर्चित मामले में शुक्रवार को सूरजपुर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई सुनिश्चित की गयी, पीड़ित पक्ष की ओर से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता वृंदा करात अदालत में पहुंची और सरकार को दो टूक जवाब दिया।
जिला सत्र न्यायालय द्वारा आज की जगह सुनवाई की तारीख आगामी 18 दिसंबर तय की गई। न्यायालय परिसर में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता के साथ माकपा नेता वृंदा करात ने अपने वक्तव्य में कहा आज यूपी सरकार ने जो एफिडेविट पेश किया है अदालत में पहले हमारी समझ से ये न्याय की हत्या का एक बहुत बड़ा कदम है। न्याय की हत्या इस रूप में एक केस है मोबलिंचिंग का उस केस में गवाही शुरू हो गई है और उस केस के गवाहों को सुनने के बीच में अगर कोई सरकार एफिडेविट देती है कि मामले को वापस लिया जाए और जो आधार सरकार ने दिया है इससे अच्छा ये होगा कि हिंदुस्तान की कानून व्यवस्था हिंदुस्तान की अदालत हिंदुस्तान तमाम तामझाम कानून के ढांचा सब समाप्त किया जाए। इससे स्पष्ट है कि इस एफडेविट न्याय के लिए नहीं उनकी संकीर्ण पॉलिटिकल एजेंडा के तहत दी गई है, आप सोचिए कि एक हत्या एक मोबलिंचिंग की हत्या और आप केस वापस लेना चाहते हैं, क्या बचेगा हमारे देश के कानून का, और हमारे मृतक परिवार से वर्ष 2015 से संबंध हैं और परिवार जिस हिम्मत के साथ खड़ी है आज ये हिंदुस्तान के लिए एक बहुत बड़ा मिसाल है।
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