कोपेनहेगन , जनवरी 06 -- डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने छह अन्य देशों के प्रमुखों के साथ एक संयुक्त बयान जारी करते हुए मंगलवार को कहा कि ग्रीनलैंड के संबंध में फैसले लेने का अधिकार 'सिर्फ और सिर्फ' ग्रीनलैंड और डेनमार्क के पास है।
इस बयान में सुश्री फ्रेडरिक्सन के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिच मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टस्क, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सैंचेज़ और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का नाम शामिल रहा।
सभी नेताओं ने ग्रीनलैंड के संबंध में जारी बयान में कहा कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप की अहम प्राथमिकताओं में से एक है। बयान में कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय एवं अंटलांटिक महासागर के क्षेत्र की सुरक्षा के लिये भी अहम है।
बयान में कहा गया कि नाटो पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि आर्कटिक क्षेत्र उसकी एक प्राथमिकता है और यूरोपीय सहयोगी भी तैयार हो रहे हैं।
बयान में कहा गया, "हमने और हमारे कई अन्य सहयोगियों ने आर्कटिक क्षेत्र को सुरक्षित रखने और विरोधियों को दूर रखने के लिये क्षेत्र में अपनी उपस्थिति, गतिविधियां और निवेश बढ़ाये हैं। ग्रीनलैंड सहित डेनमार्क साम्राज्य नाटो का हिस्सा है।"बयान में कहा गया कि इस वजह से आर्कटिक में सुरक्षा सामूहिक रूप से, अमेरिका सहित नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को बनाए रखकर हासिल की जानी चाहिए। ये सार्वभौमिक सिद्धांत हैं, और हम इनकी रक्षा करना बंद नहीं करेंगे।
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