रामनगर , दिसंबर 11 -- उत्तराखंड में रामनगर के ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के बाद बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।

गुरुवार को मालिकाना हक संघर्ष समिति के अध्यक्ष एस. लाल, ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों के साथ कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग तहसील परिसर पहुंचे, यहां उन्होंने स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रमोद कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन देने के बाद सभी लोगों ने तहसील परिसर में सांकेतिक धरना भी दिया और प्रदेश सरकार, प्रशासन एवं वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पूछड़ी में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद प्रशासन को बेघर हुए परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी इन परिवारों की कोई सुध लेने वाला नहीं है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए, वे आज भी खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं। न तो इनके खाने की व्यवस्था की गई है और न ही किसी प्रकार का आश्रय उपलब्ध कराया गया है। समिति ने मांग की कि सरकार और वन विभाग मानवीय आधार पर आगे आएं और इन पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल अस्थायी रहने व भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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