होशियारपुर , नवंबर 15 -- पंजाब के कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शनिवार को कहा कि ग्रामीण विकास में तेजी लाने के लिए ग्राम पंचायतों को मजबूत करना आवश्यक है, क्योंकि मजबूत स्थानीय निकाय स्वाभाविक रूप से गांवों को प्रगति की ओर ले जाते हैं।

डॉ रवजोत राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), मोहाली द्वारा बीडीपीओ ब्लॉक-1 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में सरपंचों, पंचों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों और मनरेगा कर्मचारियों ने भाग लिया।

डॉ. सिंह ने कहा कि पारदर्शिता, सामुदायिक भागीदारी और अंतर-विभागीय समन्वय यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि विकास पहल जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने जीपीडीपी को 'ग्राम परिवर्तन के लिए मार्गदर्शक रोडमैप' बताया और कहा कि यह पहल पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन करने, कार्यों को प्राथमिकता देने और संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करने में मदद करती है। उन्होंने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की भी सराहना की और उन्हें सरकार और समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मज़बूत किया जाएगा।

कार्यक्रम की देखरेख एडीसी (विकास) निकास कुमार ने की, जबकि उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी धरा कक्कड़ ने नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय की देखरेख की। इससे पहले, जिला समन्वयक नेहा शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और ग्राम विकास कार्यक्रम (जीपीडीपी) के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित