चंडीगढ़ , जनवरी 01 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव अनिल सरीन ने गुरुवार को कहा कि मनरेगा के तहत केंद्र द्वारा 23,446 करोड़ रुपये बकाया होने की झूठी बात कहकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब की जनता को गुमराह कर रही है।

श्री सरीन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज पर स्थायी समिति (2024-2025) की रिपोर्ट के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, क्योंकि जिस रिपोर्ट के पहले पन्ने को वित्त मंत्री हरपाल चीमा दिखा रहे हैं, उसी रिपोर्ट के अगले पन्ने पर स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2024-25 में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का किसी भी राज्य का कोई बकाया नहीं है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत हर वर्ष एक अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही पहली किस्त जारी कर दी जाती है। इसके बाद राज्य द्वारा प्राप्त राशि के नियमों के अनुसार उपयोग का प्रमाण पत्र भेजने पर अगली किस्त तुरंत जारी कर दी जाती है, लेकिन यदि कोई राज्य नियमों के अनुसार उपयोग प्रमाण पत्र नहीं भेजता, तो केंद्र सरकार मनरेगा कानून के अनुसार अगली किस्त जारी नहीं कर सकती।

श्री सरीन ने कहा कि राज्य की 13,304 पंचायतों में से 5,915 पंचायतों का अब तक अंकेक्षण ही नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा योजना के तहत 10,653 धोखाधड़ी/फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं, लेकिन इन पर पंजाब की आप सरकार कार्रवाई से बच रही है। फर्जी कार्डों के जरिए करोड़ों रुपये की दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में हो रहे घोटालों की जानकारी यूनियन नेताओं द्वारा पहले ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दे दी गयी थी। सरकार के दावे केवल बयानों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।

उन्होंने आटा-दाल योजना को लेकर भी आप सरकार को घेरते हुए कहा कि अपने आप को दलितों की हितैषी बताने वाली सरकार यह स्पष्ट करे कि आटा-दाल योजना किसने वापस ली और इसे क्यों बंद किया गया। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों से समझौता किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

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