देहरादून/रुद्रप्रयाग, दिसम्बर 26 -- उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए जा रहे प्रभावी कदम और सरकार की विभिन्न योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन से महिलाओं को मजबूत आर्थिकी से जोड़ा जा रहा है।

इसी क्रम में मक्कू मठ क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित "अपणु घर" (होम-स्टे) वर्तमान में आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। इनका संचालन पूरी तरह से स्थानीय महिलाओं के हाथों में है। जहाँ छह महिलाएँ स्वयं ही प्रबंधन, अतिथि सत्कार, साफ़-सफाई एवं दैनिक संचालन की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

खंड विकास अधिकारी, ऊखीमठ, अनुष्का के अनुसार ये सभी महिलाएँ अब आत्मनिर्भर हैं। इन होम-स्टे को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा गया है। यहाँ ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से दूर-दराज़ से लोग यहाँ घूमने आते हैं, जिससे इन महिलाओं की अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की योजनाओं का लाभ अन्य गाँवों में भी तलाशा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। उन्होंने बताया कि इन होम-स्टे के निर्माण एवं विकास के लिए बाल विकास विभाग, हिमोत्थान सोसायटी तथा मनरेगा के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार का एक स्थायी माध्यम मिला। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है।

सुश्री अनुष्का के अनुसार, मक्कू मठ के ये होम-स्टे स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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