जालंधर , मार्च 29 -- पंजाब में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने शंकर गांव के एक प्रवासी बुजुर्ग दंपति से गोल्डी बराड़ के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान तीरथ सिंह पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी बहादुरपुर, थाना बिल्गा, जिला जालंधर और जशनदीप सिंह उर्फ जशन पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी धर्मकोट, थाना सदर नवांशहर, जिला शहीद भगत सिंह नगर के तौर पर हुई है।
पुलिस अधीक्षक विनीत अहलावत ने मीडिया को रविवार को बताया कि असामाजिक तत्वों तथा रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी तरीकों, मानवीय इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हुए, टीम ने सफलतापूर्वक उन दो आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने गांव शंकर के रहने वाले एक प्रवासी भारतीय बुजुर्ग दंपति से दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
उन्होंने बताया कि 21 मार्च को गांव शंकर (थाना सदर नकोदर) के निवासी पवित्र सिंह की पत्नी बलजिंदर कौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को रात करीब 11:30 बजे उनके पति को एक अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गिरोह का सदस्य बताया और 10 दिनों के भीतर दो करोड़ की मांग की। मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद, 21 मार्च को उनके विदेश में रहने वाले बेटे रंजीत सिंह ने उन्हें सूचित किया कि उसे भी एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिला है, जिसमें एक दिन के भीतर 1.5 करोड़ रुपए की मांग की गई है और गांव शंकर स्थित उनके घर पर गोलियां चलाने की धमकी दी गई है। आरोपियों ने उनकी संपत्ति, फॉर्च्यूनर गाड़ी और बड़े घर का विवरण भी मैसेज में भेजा था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि शिकायतकर्ता का बेटा रंजीत सिंह विदेश में रहता है, जबकि उसके बुजुर्ग माता-पिता गांव शंकर में रहते हैं। आरोपी तीरथ सिंह (ससुराल पक्ष का रिश्तेदार, जो कनाडा में रहता है) फरवरी में अपने परिवार के साथ भारत आया था। उसने गांव धर्मकोट (नवांशहर) के एक टैक्सी ड्राइवर जशनदीप सिंह उर्फ जशन के साथ मिलकर यह साजिश रची। तीरथ सिंह ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति के बारे में सारी जानकारी जशनदीप को दी थी। योजना के मुताबिक, जशनदीप सिंह को 25 लाख मिलने थे, जबकि 1.25 करोड़ तीरथ सिंह को मिलने थे। जशनदीप सिंह ने ऑनलाइन एक अंतरराष्ट्रीय ई-सिम हासिल किया और अपने घर से ही कॉल और मैसेज किए। तीरथ सिंह, का विदेश में ट्रांसपोर्ट का अच्छा-खासा व्यवसाय है और लालच के कारण इस अपराध में शामिल हो गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की गहन पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित