जयपुर , फरवरी 03 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में गैंगस्टर्स एवं हार्डकोर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों के विरूद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

श्री शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गैंगस्टर्स और हार्डकोर अपराधियों के विरूद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रभावी अंकुश लगाने के विशेष दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या के उन्मूलन के लिए इससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला का चिह्नीकरण करते हुए विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी और सतर्कता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े संगठित गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत कार्रवाई की जाए तथा छोटे-बड़े सभी नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। इसके लिए पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियां समन्वित प्रयास करें। साथ ही, उन्होंने नशे के प्रकरणों में गिरफ्तार व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी कानूनी पैरवी के संबंध में निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध के विरुद्ध प्राथमिकता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध की घटनाएं घटित हो रही है, वहां इनसे जुड़े गिरोहों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। ये अभियान तब तक चले, जब तक संबंधित क्षेत्र में ऐसे अपराध जड़ से समाप्त नहीं हो जाए।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले दो वर्षों में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई की प्रगति की प्रत्येक 10 दिन के अंतराल पर मॉनिटरिंग की जाए। इन मामलों में कोताही बरतने पर जिम्मेदारी तय की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में अपराध भी हाईटेक होने लगे हैं। ऐसे में पुलिस भी अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए मॉडर्न पुलिसिंग को अपनाएं।

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