चंडीगढ़ , नवंबर 19 -- शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब में भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी की सरकार गैंगस्टरों को संरक्षण दे रही है, जिसके कारण मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी है। पार्टी ने पंजाब में हिंसा रोकने में विफल रहने के लिए गृह मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री भगवंत मान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

यहां पार्टी के मुख्य कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि पिछले 48 घंटों में राज्य भर में गोलीबारी की चार बड़ी घटनाएं हुई हैं, जिनमें चार लोगों की जान चली गयी और लगभग एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि अमृतसर बस स्टैंड पर गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी, छेहरटा में एक पैरोल पर छूटे व्यक्ति की मौत हो गयी और उसी कस्बे के बाजार में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी और बंगा बस स्टैंड पर एक व्यक्ति की मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये।

श्री रोमाणा ने याद दिलाया कि प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला, अबोहर और बठिंडा में प्रमुख कबडडी खिलाड़ियों और व्यापारियों के कत्ल और आम आदमी पार्टी के लगभग चार साल के कार्यकाल के दौरान हुई हिंसा की कई अन्य बड़ी घटनाएं हुई हैं। अकाली नेता ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने पंजाब पुलिस की हिरासत में खूंखार गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को टी.वी इंटरव्यू की सुविधा प्रदान की थी, यह तथ्य हाईकोर्ट द्वारा आदेश की गई सिट की जांच में सामने आया था। उन्होने कहा कि सभी को याद है कि कैसे गैंगस्टर दीपक टीनू मानसा पुलिस की हिरासत से भाग गया था और कैसे गैंगस्टर की महिला दोस्तों को हिरासत में रहते हुए उनसे मिलने के लिए ले जाया गया था।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जेलों में गैंगस्टरों को मोबाइल फोन से लेकर इंटरनेट तक की हर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, और वे जेलों का इस्तेमाल अपनी पनाहगाह के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दोआबा हलके के कम से कम चार आप विधायकों के साथ संबंध और जबरन वसूली के रैकेट में उनकी भूमिका अब सबके सामने है।

अकाली नेता ने आप नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह गैंगस्टरों के साथ संबंधों के बारे विपक्षी नेताओं पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, ताकि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार की घोर नाकामी से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होने कहा कि आप ने हाल ही में तरनतारन उपचुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया और चुनाव प्रक्रिया के दौरान और बाद में अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ गिरफ्तारी का अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब पुलिस बल का दुरुपयोग करने के लिए किसी एसएसपी को भारतीय चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया और कई अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित डयूटी करने के बजाय, पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने और उन पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

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