सूरत , नवंबर 19 -- मेघालय के खिलाफ खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी मुकाबले में मणिपुर के लमाबम सिंह को गेंद को दो बार मारने के लिए दुर्लभ तरीक से आउट करार दिया गया।

लमाबम ने आर्यन बोरा की गेंद को रक्षात्मक तरीके से खेला, लेकिन गेंद धीरे-धीरे स्टंप की तरफ लुढ़कने लगी, तभी उन्होंने बल्ले से गेंद को रोक दिया। मैच के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि गेंद स्टंप की तरफ जा रही थी, जब बल्लेबाज ने दूसरी बार उसे मारा। यह नियमों के तहत सही भी है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से बल्लेबाज सहित किसी ने भी अंपायर के फैसले पर आपत्ति नहीं जताई।

मैदान में मौजूद एक मैच अधिकारी ने बताया, "वह इसे पैड से भी रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने इसे बल्ले से रोकना चुना और अंपायर धर्मेश भारद्वाज ने तुरंत उन्हें 'हिट द बॉल ट्वाइस' आउट दे दिया। मेघालय ने अपील की और बल्लेबाज तुरंत पवेलियन की ओर चल पड़े।"एमसीसी कानूनों के क्लॉज 34.1.1 के मुताबिक, कोई भी बल्लेबाज 'हिट द बॉल ट्वाइस' तभी आउट होता है, जब शरीर या बल्ले से लगने के बाद बल्लेबा जानबूझकर दूसरी बार बल्ले या शरीर के किसी हिस्से (सिवाय उस हाथ के जिसमें बल्ला न हो) से गेंद को मारता है। हालांकि वह विकेट बचाने के लिए गेंद को बल्ले या पैड से रोक सकता है।

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