नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल के बीच चलाई जायेगी।

श्री वैष्णव ने आज यहां रेल भवन में संवाददाताओं से कहा, "नए साल के मौके पर आप लोगों को एक खुशखबरी दे रहा हूं। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का मार्ग तय कर लिया गया है। यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेगी और प्रधानमनंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही इसकी शुभारंभ करेंगे।" उन्होंने हालांकि इस ट्रेन की शुभारंभ होने की निश्चित तिथि नहीं बतायी, लेकिन यह उम्मीद जतायी कि श्री मोदी संभवत: 17 या 18 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्री से बात की गयी है और जैसे ही उनकी अनुमति मिलती है, इस ट्रेन से शुरू होने की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

रेल मंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुज्जित वंदे भारत के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जिज्ञासा रखने लगे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि इस मार्ग पर नयी वंदे भारत शुरू होने वाली है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चल रही हैं, वो सभी चेयरकार है और काफी समय से लोग स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साल तक सुरक्षा मानकों से विभिन्न पहलुओं को गंभीरता से परीक्षण करने के बाद रेलवे ने अब देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मार्ग का चयन कर लिया है और यह ट्रेन असम में गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बीच चलेगी।

इस दौरान उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक देश के विभिन्न मार्ग पर कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने लगेंगी। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से स्वदेशी डिजाइन और तकनीक से निर्मित देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सर्वोच्च रफ्तार का परीक्षण राजस्थान के कोटा से मध्य प्रदेश के नागदा रेल खंड पर किया गया और इस दौरान इस ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। यह परीक्षण रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में किया गया था।

रेलमंत्री ने बताया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुल 16 कोच हैं, जिसमें थर्ड एसी के 11, सेकेंड एसी के चार और फर्स्ट एसी के एक कोच शामिल हैं। उन्बोंने बताया कि इस ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे।

श्री वैष्णव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें आरामदायक और मुलायम सीट, कोचों के बीच ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल, बेहतर सस्पेंशन और कम शोर की सुविधा दी गयी। वहीं, सुरक्षा के लिए ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाए गये हैं। साफ-सफाई के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है। इसका बाहरी लुक आकर्षक और एरोडायनामिक (वायुगतिकीय) है।

उन्होंने बताया कि इस ट्रेन का सफर काफी किफायदी है। आम तौर पर गुवाहाटी से कोलकाता के बीच हवाई मार्ग से सफर करने पर छह से आठ हजार रुपये लगते हैं, लेकिन देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में गुवाहाटी से कोलकाता) तक थर्ड एसी का किराय 2300, सेकंड एसी का3000 और फर्स्ट एसी का किराया 3600 रुपये निर्धारित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि साल 2026 रेलवे सुधार का वर्ष होने वाला है और आने वाले दिनों में यात्रियों को आधुनिक ट्रेनों की झलक लगातार देखने को मिलेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित