पटना , अप्रैल 02 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के बिहार राज्य सचिव राम नरेश पांडेय ने गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ऐतिहासिक समझ पर सवाल खड़े किये और कहा कि भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल था, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) औपनिवेशिक हितों के साथ जुड़ा हुआ था।

श्री पाण्डेय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्वतंत्रता आन्दोलन में वामपंथियों की भूमिका पर दिए उस बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि श्री शाह की टिप्पणी "शर्मनाक" और "अज्ञानता से भरी" है।

भाकपा के राज्य सचिव ने कहा कि उनकी पार्टी की स्थापना 1925 में कानपुर में भारत के औपनिवेशिक विरोधी आंदोलन के हिस्से के रूप में हुई थी, जिसे मजदूरों, किसानों और क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए आकार दिया। उन्होंने कहा कि कि औपचारिक गठन से पहले भी कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में जेल भेजा गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरएसएस स्वतंत्रता संग्राम में अपनी भागीदारी का कोई ऐसा उदाहरण दे सकता है।

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