चंडीगढ़ , नवंबर 18 -- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा है कि गुरु तेग बहादुर ऐसे महापुरुष थे, जिन्होंने मानवता और धर्म की स्वतंत्रता के लिए अपने शीश की कुर्बानी दी, इसी कारण उन्हें 'हिंद की चादर' कहा जाता है।

उन्होंने सोमवार शाम यहां एक कार्यक्रम में कहा कि गुरु जी का बलिदान केवल सिख समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत की अस्मिता की रक्षा के लिए था। दिल्ली की चांदनी चौक में दिया गया, उनका बलिदान सम्पूर्ण मानव जाति की आज़ादी और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो में मुख्य अतिथि के रूप में श्री पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु जी ने सत्य, निडरता और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड के माध्यम से उनके जीवन के प्रमुख प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य करनैल सिंह भी उपस्थित रहे। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि सिख धर्म विश्व के सबसे अनुशासित और मजबूत धर्मों में से एक है, जहां संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटते। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए कश्मीरी पंडितों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आनंदपुर साहिब से आगरा तक गये और धर्म तथा देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

हरियाणा सरकार ने एक नवंबर से गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की है। राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में किया जायेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित