जालंधर , जनवरी 7 -- कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में श्री गुरू तेग बहादुर के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए दिल्ली आम आदमी पार्टी की नेता प्रतिपक्ष आतिशी से सिख पंथ से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा भी देने की मांग की।

खैरा ने बुधवार को कहा कि सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर को न केवल सिख बल्कि पूरी मानवता धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और बहुलवाद की रक्षा में उनके अद्वितीय बलिदान के लिए "हिंद दी चादर" के रूप में पूजती है। ऐसी महान आध्यात्मिक और नैतिक हस्ती के बारे में कोई भी हल्की, तोड़-मरोड़ कर या असंवेदनशील टिप्पणी बिल्कुल अस्वीकार्य है और यह धर्म का अपमान है। गुरु साहिबों के प्रति थोड़ी सी भी अनादर दिखाने वाली टिप्पणियों को राजनीतिक गलती कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। ऐसे बयान सिख धर्म और सामूहिक चेतना के मूल पर चोट करते हैं।

खैरा ने चेतावनी दी कि वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के ऐसे लापरवाह बयानों से सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है और भारत जैसे विविध समाज में आपसी सम्मान कम हो सकता है। खैरा ने सभी राजनीतिक दलों और जन प्रतिनिधियों से धार्मिक हस्तियों और पवित्र इतिहास के बारे में बात करते समय संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सभी धर्मों की गरिमा हर समय बनी रहे।

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