अमृतसर/ गुरदासपुर , अप्रैल 9 -- पंजाब में अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और काउंटर इंटेलिजेंस विंग की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक संयुक्त अभियान में आईएसआई प्रायोजित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में दो गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान आकाश मसीह और जब्लौन के रूप में हुई है, जो दोनों गुरदासपुर जिले के थाना घुमान कलां के अंतर्गत गांव दुल्ला नंगल के निवासी हैं। दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है।

श्री यादव ने कहा कि इन दोनों गुर्गों की गिरफ्तारी से महत्वपूर्ण बरामदगी हुई है, जिसमें पांच हैंड ग्रेनेड, दो विशेष डेटोनेटर, कोडर और डिकोडर के साथ पुश-टू-टॉक (पीटीटी) टाइमर, 9 वोल्ट बैटरी, आईईडी सामग्री (कीलों के साथ पैक किया गया एक किलो उच्च विस्फोटक) और केबल और ट्रिगर मैकेनिज्म के साथ एक बाओफेंग वॉकी-टॉकी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बरामदगी दर्शाती है कि यह मॉड्यूल राज्य में सार्वजनिक शांति को भंग करने के उद्देश्य से बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस उपमहानिरीक्षक बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आईएसआई समर्थित इस आतंकी मॉड्यूल को विदेश स्थित हैंडलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि आगे और पीछे के संबंधों को स्थापित करने और पूरी साजिश और स्थानीय सहायता नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।

ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदासपुर आदित्य ने बताया कि टी-पॉइंट जोगोवाल बेडिया पर विशेष पुलिस चेकिंग के दौरान, गांव जोगोवाल बेडिया की ओर से मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर संदिग्धों ने मौके से भागने के लिए यू-टर्न लेने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीमों ने उन्हें दबोच लिया।

एसएसपी ने बताया कि पीछे बैठे युवक ने कपड़े से ढके हुए दो बैग (नीले और पीले रंग के) पकड़े हुए थे। बैगों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से विस्फोटक सामग्री और उपकरण बरामद हुए। उन्होंने आगे बताया कि फॉरेंसिक और बम निरोधक टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया और विस्फोटकों व ग्रेनेडों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया।

इस संबंध में, गुरदासपुर के थाना कलानौर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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